ईरान और अमेरिका युद्ध अभी भी चल रहा है। दोनों ओर से हवाई हमले हो रहे हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को कई महीनों से बंद रखा गया है। हालांकि, आज दोनों देशों के बीच शांति वार्ता में अंतिम मुहर लगने वाली है। लंबे समय से चला आ रहा ये युद्ध समाप्त हो सकता है। इस बीच, ईरानी अधिकारियों ने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के विदाई समारोह, जुलूस और अंतिम संस्कार की तारीखों की घोषणा कर दी है।
इमाम रज़ा के पवित्र तीर्थस्थल में दफनाया जाएगा शव
ईरान की फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, दिवंगत खामेनेई के लिए अंतिम विदाई समारोह 4 और 5 जुलाई को तेहरान के इमाम खुमैनी प्रार्थना स्थल पर आयोजित किए जाएगा। साथ ही 6 जुलाई को तेहरान में एक जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद 7 जुलाई को पवित्र शहर क़ोम में और 9 जुलाई को मशहद में समारोह होंगे। अयातुल्ला अली खामेनेई के शव को मशहद के इमाम रज़ा के पवित्र तीर्थस्थल में दफनाया जाएगा।
अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे गए खामेनेई
बता दें कि ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की की मौत 28 फरवरी 2026 को हुई थी। ईरान पर हुए संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों में खामेनेई समेत कई अन्य बड़े ईरानी नेता मारे गए थे। खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोज्तबा खामेनेई को नया ईरान का सर्वोच्च नेता चुना गया।

युद्ध में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि
वहीं, दूसरी ओर ईरान के शीर्ष वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने पिछले साल के 12 दिवसीय युद्ध की बरसी पर युद्ध में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही उन्होंने अमेरिका और इजरायल के दबाव का लगातार विरोध करने का संकल्प लिया।
नागरिकों और बच्चों को बनाया निशाना
ईरान और अमेरिका- इजरायल संघर्ष के बीच शुरुआत के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में तेहरान के शीर्ष वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने युद्ध के दौरान अमेरिका और इजरायल पर नागरिकों और बच्चों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, 'इजरायली और अमेरिकी शासनों द्वारा हमारे चिरस्थायी घर, ईरान पर आपराधिक हमलों के पहले दौर की शुरुआत को एक साल बीत चुका है। उन्होंने निर्दोष बच्चों की हत्या की और किसी भी अपराध या क्रूरता से परहेज नहीं किया।'
ग़ालिबफ़ ने कहा कि देश 'गौरव के अंत तक' और 'अंतिम विजय' तक दृढ़ संकल्पित रहेगा। 12 दिवसीय युद्ध के वीर और पीड़ित शहीदों से प्रेरित होकर, हम अपने प्यारे ईरान की शान और अंतिम विजय के लिए अंत तक दृढ़ संकल्पित रहेंगे।'
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